बरेली, सितम्बर 12 -- बरेली। आईसीटी लैब प्रकरण में शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, बल्कि छह माह बाद शिकायतकर्ता से शपथ पत्र मांगा गया है। यूटा के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने छह माह पहले उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब डेवलप्ड करने के लिए 135000 और इंवर्टर बैटरी खरीदने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ही 38000 रुपये धनराशि एसएमसी खातों में भेजी गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक की जानकारी के बिना ही विद्यालयों से पीएफएमएस जनरेट किए जाने से पहले ही स्कूल के नाम से बिल बनाकर बीआरसी बुलाकर प्रधानाध्यापकों को बिल दिए जा रहे थे और उन्ही फर्मो से सामग्री की सप्लाई दिए जाने की बात कह टीचर्स पर दबाव बनाया जा रहा था l इसकी शिकायत के छह माह बीत जाने के बाद भी अभी तक दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गईं...