नई दिल्ली, मई 26 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गृह मंत्रालय का एक आदेश रद्द कर दिया। मंत्रालय ने 1997 बैच के महाराष्ट्र कैडर के एक आईपीएस अधिकारी के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के अनुरोध को खारिज कर दिया था। अधिकारी 2019 में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने और दो अन्य शिकायतों के मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना कर रहे थे। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने फैसला सुनाया कि केंद्र के पास 'अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958' के तहत वीआरएस आवेदन को स्वतंत्र रूप से स्वीकार करने की शक्ति है, लेकिन यह शक्ति असीमित नहीं है, बल्कि कुछ शर्तों के अधीन है। पीठ ने कहा कि केंद्र को अधिकारी अब्दुर रहमान के वीआरएस के अनुरोध की फिर से जांच करनी चाहिए और तीन दि...