रांची, फरवरी 18 -- रांची, संवाददाता। झारखंड जैव विविधता पर्षद के तत्वावधान में मंगलवार को कांके रोड स्थित एक निजी होटल में 'बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) एवं जैव विविधता शासन' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें राज्य के विभिन्न वन प्रमंडलों के पदाधिकारी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और जैव विविधता प्रबंधन समितियों के सदस्य शामिल हुए। मुख्य अतिथि प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने जैव विविधता अधिनियम, 2002 का उल्लेख करते हुए स्थानीय समुदायों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आईपीआर व्यवस्था पारंपरिक ज्ञान के दुरुपयोग को रोकने और स्थानीय लोगों को उनके अधिकार दिलाने का सशक्त माध्यम है। पर्षद के अध्यक्ष विश्वनाथ शाह ने जैव संसाधनों की सुरक्षा के लिए आईपीआर की समझ को अनिवार्य बताया। इस अवसर पर झारखंड में सामुदायिक बीज बै...