कानपुर, मार्च 3 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। भोले-भाले लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी फर्में खड़ी की जा रही हैं। इन फर्मों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। लगातार मामले सामने आने के बाद भी सवाल यह है कि जीएसटी की निगरानी टीम इन फर्जीवाड़ों की समय रहते पहचान क्यों नहीं कर पा रही है। वर्ष 2025-26 में अब तक स्टेट जीएसटी की टीम 425 फर्जी फर्मों का खुलासा कर चुकी है। इनमें से 309 का पंजीकरण तक रद्द किया जा चुका है। लगभग 10 ऐसी फर्मों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया जा चुका है। इसके बावजूद कागजों पर कारोबार दिखाकर लाखों-करोड़ों रुपये का आईटीसी क्लेम करने वालों की हिम्मत कमजोर नहीं पड़ रही। स्टेट जीएसटी के अपर आयुक्त ग्रेड 2 कुमार आनंद कहते हैं कि फेक आईडी पर बोगस फर्म बनाने वाले ज्यादातर केंद्रीय जी...
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