अल्मोड़ा, मई 29 -- मुकेश सक्टा, सल्ट। मोहान स्थित आईएमपीसीएल दवा फैक्ट्री के निजीकरण का विरोध अब तेज होने लगा है। शुक्रवार को कारखाना अधिकारियों, यूनियन और फैक्ट्री से जुड़े लोगों की बैठक हुई। तय किया गया फैक्ट्री को निजीकरण से बचाने के लिए आंदोलन किया जाएगा। सरकार ने देश की सुप्रसिद्ध दवा फैक्ट्री आईएमपीसीएल को निजी हाथों में दे दिया है। जबकि कंपनी लगातार लाभ में चल रही थी। शुक्रवार को हुई बैठक में बताया गया कि कंपनी से सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। लोगों को गोबर, जड़ीबूटी आदि से रोजगार मिल रहा था। एक साजिश के तहत कंपनी को निजी हाथों में दे दिया गया। यह भी पढ़ें- मोहान फैक्ट्री को बचाने आगे आएं लोग जबकि वह बीते दो साल से इसका विरोध कर रहे थे। सरकार ने उनके विरोध के बाद भी ऐसा कदम उठाया, जिससे आम लोगों का रोजगा...