वाराणसी, अप्रैल 25 -- वाराणसी। आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि हीमोफीलिया पुरुषों में पाई जाने वाली जन्मजात बीमारी है। इसके मरीजों की भीड़ के मद्देनजर बीएचयू को नोडल सेंटर बनाया जाए। हीमोफीलिया सोसायटी (वाराणसी) के तत्वावधान में शनिवार को सर सुंदरलाल अस्पताल के डॉक्टर लाउंज में संगोष्ठी हुई। आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि चोट लगने या कटने-छिलने पर हीमोफीलिया पीड़ितों में खून के थक्के नहीं बनते हैं। लगातार रक्तस्राव से वे कोमा में चले जाते हैं। कहा कि यह बीमारी प्रोटीन फैक्टर-8 और फैक्टर-9 की कमी से होती है। रीकांबीनेट फैक्टर, जीन थिरेपी और बॉयोलॉजिकल तरीके से इस पर नियंत्रण हो सकता है। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने संस्था के कार्यों की सराहना की। मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. एलपी मीना ने प्रोफाइल एक्सिस थि...