लखनऊ, फरवरी 26 -- राज्य सरकार ने वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अब आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को स्पैरो पोर्टल पर स्वमूल्यांकन आख्या में न्यायिक/अर्द्ध-न्यायिक दायित्वों से संबंधित वादों का विस्तृत विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारियों को वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि में लंबित वादों की संख्या, उस अवधि में नए दायर वादों की संख्या तथा निस्तारित वादों की कुल संख्या का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन अधिकारियों पर लागू होगी, जिन्होंने पीठासीन अधिकारी के रूप में काम किया है। इसके साथ ही निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिवेदक, समीक्षक एवं ...