वाराणसी, सितम्बर 22 -- जक्खिनी। अल्प-प्रचलित एवं संभावनाशील सब्जी फसलों को मुख्यधारा में शामिल करने के उद्देश्य से सोमवार को 10 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम यहां शुरू हुआ। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) में कार्यक्रम में आठ राज्यों के कृषि-सब्जी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक-संकाय सदस्य भाग ले रहे हैं। यह भी पढ़ें- बच्चों को स्वस्थ रहने के टिप्स दिए गए उद्घाटन कार्यक्रम उद्घाटन कार्यक्रम में आईआईवीआर निदेशक डॉ. राजेश कुमार कहा कि खाद्य टोकरी में विविधता लाकर ग्रामीण आहार अधिक पौष्टिक और विविध बनाए जा सकते हैं। कहा कि सब्जी आनुवंशिक संसाधनों के सतत प्रबंधन एवं उपयोग की रणनीति के तहत विभिन्न अल्प-प्रचलित एवं संभावनाशील सब्जी फसलों के प्रजनन, कृषि प्रबंधन, गुणवत्ता मूल्यांकन एवं उन्नत किस्मों के विकास पर अधिक ध्...