रुडकी, जून 23 -- रुड़की, कार्यालय संवाददाता। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने अस्पतालों में गंभीर संक्रमण फैलाने वाले खतरनाक जीवाणु एसीनेटोबैक्टर बाउमानी की चयापचय (मेटाबॉलिक) कमजोरी का पता लगाया है। यह खोज भविष्य में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमणों के लिए अधिक प्रभावी उपचार विकसित करने में मददगार साबित हो सकती है। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका एमबायो में प्रकाशित हुआ है। यह भी पढ़ें- आईआईटी रुड़की के शोध में दवा-प्रतिरोधी जीवाणु की बड़ी कमजोरी का खुलासा यह भी पढ़ें- अब खाद्य उद्योग के दूषित पानी से बनेगा बॉयोडीजल

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