उत्तरकाशी, नवम्बर 30 -- आईआईटी रुड़की के डिजाइनिंग छात्राओं ने डुंडा के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान छात्राओं ने घराट, परंपरागत खेती, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय जीवन शैली का गहन अध्ययन किया। आईआईटी रुड़की के 20 छात्र उत्तरकशी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डुंडा ब्लॉक के अरण्य गंगा, अस्तल आदि गांव का भ्रमण किया। वहां उन्होंने पारंपरिक घराट तकनीक, जलधारा आधारित ऊर्जा, स्थानीय कृषि प्रथाओं और ग्रामीण पर्यटन मॉडल का व्यवहारिक अध्ययन किया। इस दौरान घराट श्रृंखला के संस्थापन विजयेश्वर प्रसाद डंगवाल ने छात्राओं को पहाड़ों पर आजीविका के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण के बारे में जानकारी दी। सामाजिक कार्यकर्ता देवेश कोठारी ने छात्राओं को बताया कि पहाड़ों में पानी तेज़ी से मैदानी क्षेत्रों की ओर बह जाता है, जिससे भूजल पुनर्भरण नहीं हो प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.