वाराणसी, मार्च 15 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू और आईआईटी बीएचयू ने देश की अमूर्त विरासतों के संरक्षण के लिए हाथ मिलाया है। इस साझा प्रयास का विशेष फोकस काशी की अमूर्त विरासतों के अध्ययन और संरक्षण पर होगा। शनिवार को आईआईटी बीएचयू में 'भारत में अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर और सतत विकास' विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में यह निर्णय लिया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के मानविकी अध्ययन विभाग और सस्टेनेबिलिटी डेवलपमेंट सेंटर की तरफ से किया जा रहा है। मानविकी अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. पीके पांडा ने कहा कि अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (आईसीएच) को आज एक जीवंत ज्ञान-स्रोत के रूप में अधिकाधिक मान्यता मिल रही है। कार्यक्रम संयोजक प्रो. विनिता चंद्रा ने बताया कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर को सतत विकास, विशेष रूप से सतत ...