दरभंगा, अप्रैल 14 -- शैलेन्द्र कुमार,दरभंगा/सिंहवाड़ा, हिटी। लगातार तीन बार हुई बेमौसम बरसात, आंधी व ओलावृष्टि ने मक्का उत्पादन करने वाले किसानों की कमर तोड़ दी है। आंधी में मक्के के तैयार पौधे खेतों में धराशाई हो गए। इससे जंगली सुअरों को मक्के की फसल बर्बाद करने में और सहूलियत हो गई। रही-सही कसर नीलगायों ने पूरी कर दी। आलम यह है कि नीलगाय एवं जंगली सूअरों से परेशान किसानों ने मक्के की खेती लगभग छोड़ ही दी है। जो किसान इतनी मेहनत के बावजूद भी मक्के की फसल लगा रहे हैं उन्हें इस वर्ष हुई आंधी एवं पानी में अधिक घाटा हुआ है। कटका के किसान सुधीर कुमार, बिजेंदर राम, सुनयना देवी, डॉ. राम प्रकाश आदि ने बताया कि मक्के के पौधे में बाल लगभग तैयार हो रहे थे। यह भी पढ़ें- जंगली सूअर और नीलगाय के आतंग से घट रहा मक्का का रकबा ऐसी स्थिति में आंधी में फसल गि...
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