मधेपुरा, मार्च 22 -- ग्वालपाड़ा, निज प्रतिनिधि। मौसम के रुख में शुक्रवार के देर शाम के बाद अचानक बदलाव आ गया। आंधी और बारिश से मक्के की फसल को भारी क्षति पहुंची है। तेज हवा के साथ बारिश का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इस बीच खेतों में खड़े मक्के की लहलहाती फसलें धरती पर लोट गई। फसलों की हालत देख कर किसान सिर थाम कर अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। मौसम की मार का असर आम के मंजरों पर भी पड़ा है। लोगों का कहना है कि इस बार खास लोगों को ही रसीले आम का स्वाद नसीब हो पाएगा। मक्के की फसलों के धराशाई होने से किसान खून के आंसू रो रहे हैं। झंझरी गांव के पीड़ित किसान रणवीर यादव, बलिया बासा के राजकुमार मंडल और विषवाड़ी के विनोद यादव ने बताया कि उन लोगों ने इस उम्मीद में मक्के की खेती में सारा जमा पूंजी लगा दिया कि फसल तैयार होने के बाद परेशानियों का अंत हो जाए...
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