छपरा, मई 5 -- आम भेजा जाता है बाहर, लीची बाहर से मंगानी पड़ रही किसानों की आमदनी के साथ-साथ बाजार और उपभोक्ताओं पर भी असर दिखना तय फोटो 12 : अमनौर प्रखंड के खरीदाहां गांव में लगे लीची के पौधे। पेज चार की लीड छपरा, हिन्दुस्तान संवाददाता।मौसम के अचानक बदले मिजाज ने इस बार आम और लीची की फसल पर गहरी चोट की है। ठीक उस समय जब मंजर से फल बनने की प्रक्रिया तेज थी, तेज आंधी और बारिश ने पेड़ों को झकझोर दिया। नतीजतन बड़ी संख्या में मंजर और कच्चे फल झड़ गए। कई बागों में अब पेड़ों पर केवल 25 से 30 प्रतिशत फल ही बचे हैं। बागवानों का कहना है कि इस बार उत्पादन सामान्य से काफी कम रहेगा। जिले में 2500 हेक्टेयर में आम और 500 हेक्टेयर में लीची की खेती होती है, जो सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। प्रारंभिक आकलन में 40 से 70 प्रतिशत तक नुकसान की बात सामने आ रही है।...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.