सोनभद्र, मार्च 17 -- अनपरा,संवाददाता। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय को जनविरोधी बताते हुए, आगाह किया है कि इससे प्रदेश में बिजली की सस्ती और विश्वसनीय आपूर्ति खतरे में आ जायेगी। फेडरेशन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए प्रबंधन द्वारा मनमाने ढंग से दमन किया जा रहा है। हजारों कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर तबादले, संविदा कर्मियों की मनमानी छंटनी, अनुशासनात्मक नियमों में कठोर संशोधन, बिना आरोप-पत्र और बिना स्पष्टीकरण बर्खास्तगी जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि कर्मचारियों और अभियंताओं का लगातार उत्पीड़न, धमकी और मानसिक दबाव बनाना न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि यह प्रबंधन की दमनकारी नीति को भी उजागर करता है। फेडरेशन की मांग है...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.