गिरडीह, जून 6 -- गांडेय, प्रतिनिधि। जिन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ मिलकर झारखंड अलग के लिए आंदोलन किया था। उन्होंने झारखंड अलग की लड़ाई में अपना जीवन लगा दिया। उन्होंने अपना जीवन में हमेशा संघर्ष किया। इस संघर्ष के क्रम में जेल जाना पड़ा। झारखंड आंदोलनकारियों को मानसिक और शारारिक यातनाएं झेलनी पड़ी। उक्त बातें गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन गांडेय प्रखंड के दासडीह पंचायत के जोराआम गांव स्थित स्व. बसंत पाठक स्मृति उद्यान का आवश्यक विकास कार्य योजना का शिलान्यास कार्यक्रम में बोल रही थी। विधायक ने कहा कि यातनाएं सिर्फ आंदोलनकारियों ने ही नहीं झेली थी, बल्कि उनका परिवार, रिश्तेदार और करीबियों को भी झेलना पड़ा। विधायक ने कहा कि शहीद बसंत पाठक ने कम संसाधनों में अपनी लड़ाई लड़ी थी। विधायक ने कहा कि हमारे झारखंड में बहुत से चिन्हित आ...
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