जमशेदपुर, अगस्त 7 -- कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में अब आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षाओं के संचालन को लेकर नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब कॉलेजों को अपने यहां विषयवार शिक्षकों की अनिवार्य रूप से नियुक्ति करनी होगी, ताकि छात्र-छात्राओं को आंतरिक और प्रायोगिक अंक प्रदान करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। कोल्हान विश्वविद्यालय की हालिया प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब केवल संबंधित विषय के योग्य शिक्षक ही विद्यार्थियों को आंतरिक अंक दे पाएंगे। यदि किसी कॉलेज में उस विषय का शिक्षक उपलब्ध नहीं है और इसके बावजूद आंतरिक अंक दिए जाते हैं तो कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नए नियम के लागू होने से विशेष रूप से सरकारी कॉलेजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जहां लंबे स...