रांची, जून 29 -- रांची, संवाददाता। जिले में 350 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन करने वाली सेविकाएं और सहायिकाएं आर्थिक संकट के बीच सरकारी योजनाओं का भार उठाने को मजबूर हैं। सेविकाओं का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मानदेय का नियमित भुगतान नहीं हो रहा है। इसके अलावा पोषाहार, कमरा किराया, मोबाइल रिचार्ज और इंसेंटिव जैसी कई मदों की राशि भी महीनों से लंबित है, जिससे केंद्रों का संचालन प्रभावित हो रहा है। सेविकाओं के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से नवंबर और राज्य सरकार की ओर से अक्तूबर से मानदेय बकाया है। जुलाई 2025 से पोषाहार मद का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि तीन वर्षों से कमरा किराया लंबित है। सरकार द्वारा किराया बढ़ाकर 6000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया, लेकिन अब भी पुराने हिसाब से मात्र 750 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा ...