पटना, अप्रैल 10 -- आंगनबाड़ी केंद्र और कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ रही बच्चियों की देखरेख की जिम्मेवारी अब बाल अधिकार संरक्षण आयोग की होगी। आयोग समय-समय पर बच्चियों से मिलकर उनकी समस्याओं का निदान करेगा। विद्यालय में पढ़ रही बच्चियां आयोग के साथ तुरंत संपर्क कर सके, इसके लिए सभी कस्तूरबा विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों पर डायल 1098 टॉल फ्री नंबर जगह-जगह दर्ज किए जाएंगे। साथ ही शिक्षा के अधिकार से संबंधित जानकारी भी छात्राओं को समय-समय पर दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्र में तीन से छह साल और कस्तूरबा विद्यालय में आठ से 16 साल तक की छात्राएं रहती हैं। इन छात्राओं को किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसके लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग का संरक्षण इन्हें प्राप्त होगा। राज्यभर में 647 कस्तूरबा विद्यालय हैं। इसमें कहीं आठवीं तक तो कहीं 10वीं और 12वीं तक पढ़ाई होती...
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