नई दिल्ली, फरवरी 17 -- पलकों की वह हल्की सी हलचल, जिसे लोग अक्सर 'आंख का फड़कना' कहकर नजरअंदाज कर देते हैं, कभी-कभी शरीर का एक मौन संदेश होती है। अंधविश्वास की दुनिया में भले ही इसके कई तरह के मतलब निकाले जा सकते हैं, लेकिन विज्ञान की नजर में यह आपकी नसों और मांसपेशियों के बीच के तालमेल की एक छोटी सी चूक है। आमतौर पर यह मामूली नजर आने वाली समस्या लगती है, पर जब आंखों की यह फड़कन घंटों से दिनों और दिनों से हफ्तों में बदल जाए, तो समझ लीजिए कि आपका शरीर आपसे कुछ कहना चाहता है। यह महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि आपकी जीवनशैली के तनाव, आंखों की थकान या शरीर के भीतर छिपे किसी पोषण के असंतुलन की एक गंभीर दस्तक हो सकती है। शारदाकेयर-हेल्थसिटी के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पोनींदर कुमार डोगरा कहते हैं कि आंख का बार-बार फड़कना (eye twitching) एक आम समस्या है ज...
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