सीवान, मार्च 9 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। दप्रखंड के हरपुर कोटवां पंचायत के चांद परसा स्थित श्री राम जानकी मंदिर वार्षिकोत्सव व श्री मद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को श्रीवृंदा धाम से पधारे कथावाचक पंडित प्रतीक मिश्रा ने कहा कि प्राणी मात्र के कल्याण का सबसे सरल साधन अहेतु की भक्ति है। उन्होंने बताया कि अहेतु की भक्ति का अर्थ है बिना किसी स्वार्थ और कामना के भगवान का भजन करना, जब मनुष्य अपने मन से लोभ, मोह और स्वार्थ को दूर कर केवल भगवान की भक्ति में लीन हो जाता है, तब उसका जीवन स्वतः ही पवित्र और शांत हो जाता है. आज के समय में अधिकांश लोग भगवान की पूजा और भक्ति किसी न किसी इच्छा की पूर्ति के लिए करते हैं, जबकि सच्ची भक्ति वह है जिसमें किसी प्रकार की कामना न हो। जब भक्त केवल प्रेम और श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करता है, तब उसके मन में ...
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