मेरठ, मार्च 20 -- विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए कैलाश पर्वत मंदिर पर चल रहे भक्तामर विधान एवं पाठ के 41वें दिन नित्य नियम पूजन व भगवान की शांतिधारा व अभिषेक किया गया। शुक्रवार को 95 परिवारों की ओर से भक्तामर विधान का आयोजन किया गया। विधान के मध्य में मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि शुद्ध मन से इस पाठ को करने वाला व्यक्ति सुख-शांति एवं समृद्धि को प्राप्त कर धर्म के मार्ग पर अग्रसारित होता है। हर समस्या का समाधान अहिंसा ही है। इस सिद्धांत को कभी न भूले। अहिंसा हमारे प्राण है, अहिंसा हमारा धर्म है, अहिंसा हमारी पहचान है व अहिंसा ही हमारी संस्कृति है। शुक्रवार को सौधर्म इंद्र व स्वर्ण कलश से अभिषेक रमेश जैन, अमित जैन, अरुण जैन व भगवान की शांतिधारा विकास जैन, सौरभ जैन ने की। आरती का दीप प्रज्वलित सुशील जैन, निर्मल जैन ने प्रज्वलित किया...
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