मेरठ, जून 23 -- जैन तीर्थ श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे श्री शांतिनाथ महामंडल विधान में 34वें दिन मुख्य वेदी में विराजमान त्रय तीर्थंकर भगवंतो का जलाभिषेक किया गया। विधान में 130 परिवारों ने भाग लेकर पुण्य संचित किया। विधान में आचार्य भाव भूषण महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन करते हुए कहा कि अहिंसा प्रत्येक आत्मा का धर्म है। विश्व के हर प्राणी में अहिंसक भाव स्वयं सिद्ध है। हमारा देश भारत सदा ही अहिंसात्मक, शाकाहारी व संस्कृति का केंद्र रहा है। यह ऋषि मुनियों की पावन भूमि है। यहां भगवान महावीर, श्री राम, श्री कृष्ण, गौतम बुद्ध जैसे अहिंसा के पुजारियों ने जन्म लिया है। ऐसी धरती पर भगवान की स्तुति मात्र करने से ही जीवों के अनेक भवों के संचित पाप कर्म क्षण भर में क्षय हो जाते है। तत्पश्चात् त्रिमूर्ति जिनालय ...