मेरठ, मार्च 24 -- अहिंसा सभी प्राणियों के लिए कल्याणकारी होती है। मनुष्य अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही शांति, मुक्ति, आर्जव, मार्दव आदि प्राप्त कर सकता है। परिवार, समाज समेत राष्ट्र में शांति होनी चाहिए। एक देश को दूसरे देश के साथ मैत्री व शांति का भाव रखने का प्रयास करना चाहिए। मनुष्य को अपने मन में ही अहिंसा की ज्योति प्रज्वलित करने का प्रयास करना चाहिए। मंगलवार को कैलाश पर्वत मंदिर पर चल रहे विधान के 45वें दिन आचार्य भाव भूषण महाराज ने यह प्रवचन किया। इससे पहले धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ मांगलिक क्रियाओं के साथ हुआ। सौधर्म इंद्र बनकर स्वर्ण कलश से अभिषेक रविंद्र जैन व शांतिधारा रिधान जैन, अनिल जैन ने की। दीप प्रज्वलन सुशील कुमार जैन, शैली, अंश, क्षमा रानी जैन, राज रानी ने किया। भगवान संभवनाथ का निर्वाण लाडू महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया ग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.