अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु
रामपुर, जून 4 -- समोदिया। क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन प्रवचन करते हुए रितेश शास्त्री ने भगवान राम और कृष्ण के चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, जिन्होंने समाज को मर्यादा में रहना सिखाया, जबकि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं बेहद व्यापक और विविध हैं। दोनों ही स्वरूपों के जीवन से मिलने वाली शिक्षाएं आज भी मानव समाज के लिए सच्ची प्रेरणास्रोत हैं। शास्त्री जी ने बताया कि कथा के पांचवें दिन से भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं दिव्य लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। यह भी पढ़ें- सब विकासों का मूल है प्रभु की कथा: रामप्रपन्नाचार्य महाराज
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