बलरामपुर, मई 19 -- बलरामपुर, संवाददाता। सुप्रिम कोर्ट की तरफ से डॉग लवर्स की याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया गया है। न्यायालय की तरफ यह भी कहा गया है कि नसबंदी कराने के बाद कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर न छोड़ा जाए। हॉलाकि जिले में न तो कुत्तों की नसबंदी हो रही है और न ही कोर्ट के किसी ऐेसे आदेश का असर दिख रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल से लेकर सभी सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला। जिले में कोई एबीसी सेंटर भी नहीं है। इससे यह समस्या और भी विकराल होती जा रही है। हिंदुस्तान की पड़ताल में यह बात सामने आयी कि जिले भर में प्रतिदिन करीब 150 लोग आवारा कुत्तों और बंदरों के काटने का शिकार हो रहे हैं। यह भी पढ़ें- न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं बनी कोई ठोस योजना जो विभिन्न सरकारी अस्पतालों में पहुंचकर एंटी रैबीज का इंज...