चक्रधरपुर, मार्च 8 -- झारखंड स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता की एक दर्दनाक तस्वीर शनिवार को सामने आई, जब एक पिता को अपने नवजात शिशु के शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस या कोई वाहन नहीं मिला। मजबूर होकर बच्चे के शव को डिब्बे में रख घर ले जाना पड़ा। इस घटना से ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश है। जानकारी के अनुसार कराईकेला थाना क्षेत्र के बंगरासाई निवासी रामकृष्ण हेम्ब्रम ने तीन दिन पहले अपनी पत्नी रीता तिरिया को इलाज के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार को रीता तिरिया ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे का शव अपने घर ले जाने के लिए अस्पताल की ओर से उन्हें न तो एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही कोई व्यवस्था की गई। इसके बाद मजबूर होकर असहाय पिता रामकृष्ण हेम्ब्रम नवज...
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