बुलंदशहर, जनवरी 6 -- रिश्तों की गर्माहट कड़ाके की इस ठंड में कहीं खो गई है। कल्याण सिंह राजकी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती 80 वर्षीय बुजुर्ग जनार्दन की आंखों की चमक अब फीकी पड़ने लगी है। ठीक होने की खुशी तो है, लेकिन घर न जा पाने का गम कहीं ज्यादा गहरा है। जिस पिता ने बेटों को अपनी कुशलता की खबर दी थी, वह करीब एक महीने बाद भी अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर टकटकी लगाए दरवाजे को निहार रहा है कि शायद कोई उसे लेने आ जाए। मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. पीके झा ने बताया कि करीब एक महीने पहले रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) को यह बुजुर्ग लावारिस हालत में मिले थे। गाजीपुर जनपद के नेली उत्तर टीला के निवासी जनार्दन का एक पैर बुरी तरह गलाव की चपेट में था। आरपीएफ ने उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने त...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.