मोतिहारी, मार्च 18 -- रक्सौल,एक संवाददाता। ​रक्सौल अनुमंडल अस्पताल के भीतर चल रही 'दीदी की रसोई' इन दिनों एक अजीब और कठिन दौर से गुजर रही है। जिस रसोई की सुगंध से मरीजों को समय पर पौष्टिक भोजन मिलता था, आज वहां खामोशी और धुएं का बसेरा है। दरअसल, पिछले चार दिनों से रसोई में गैस का सिलेंडर खाली पड़ा है, जिसके कारण पूरा कामकाज ठप हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कुक महेश प्रसाद को मजबूरी में अस्पताल के खुले अहाते में मिट्टी का चूल्हा खोदकर लकड़ियों पर खाना बनाना पड़ रहा है।​जीविका के बीपीएम विक्रम कुमार के मुताबिक, यह रसोई अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जहां मेनू के अनुसार उन्हें मुफ्त नाश्ता और भोजन मिलता है।लेकिन गैस न होने के कारण रसोई की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लेखापाल सरिता कुमारी का कहना है कि खुले...