नई दिल्ली, मार्च 18 -- रमजान के पाक महीने में काबुल में यह कत्लेआम इंसानियत पर ऐसा हमला है, जिसे भुलाया न जा सकेगा। पाकिस्तान ने हमला दो हजार बिस्तर वाले एक ऐसे बड़े अस्पताल पर किया, जहां हजार से ज्यादा मरीज अपना इलाज करा रहे थे। यह अफगानिस्तान का शायद सबसे बड़ा नशा मुक्ति केंद्र भी है। यहां नशा छोड़ने और नई जिंदगी की उम्मीद लिए भर्ती मरीजों का ऐसा बेरहम अंत बेहद दुखद और निंदनीय है। तालिबान के एक प्रवक्ता के मुताबिक, पाकिस्तानी हवाई हमले में 400 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। यह हमला रात के नौ बजे हुआ, जब मरीज सो चुके थे या सोने की तैयारी में थे। हमले में 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मतलब, मृतकों की संख्या बढ़ना तय है। पाकिस्तान के इस हमले से अफगानिस्तान में नाराजगी का जो आलम होगा, उससे दोनों देशों के बीच रिश्ते शायद लंबे समय तक सुधर न पाए...