फरीदाबाद, मई 16 -- फरीदाबाद/बल्लभगढ़, अभिषेक शर्मा। सेक्टर-3 के फर्स्ट रेफरल यूनिट-2 (एफआरयू) में शुक्रवार देर रात एक घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। यहां चिकित्सकों की मदद नहीं मिलने पर पार्किंग में पुरुषों के सामने मां को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में गर्भवती बेटी की डिलीवरी करवानी पड़ी। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। हालांकि, हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। उधर, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।

महिला के परिजनों के आरोप महिला के परिजनों ने एफआरयू-1 के स्टाफ पर गम्भीर आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि इमरजेंसी गेट बंद, काफी शोर मचाने के बाद भी गेट नहीं खोला गया। नतीजतन गर्भवती को समय पर प्रसव कक्ष तक नहीं पहुंचा पाए। सबसे हैरानी की...