लखनऊ, सितम्बर 27 -- - एफएसडीए का आदेश कि इस तरह की रियायती दरों पर मिलने वाली दवाओं पर लिखा जाए इंस्टीट्यूशनल सप्लाई - दवाओं के हर पैकेट पर ब्योरा करना होगा दर्ज कि किसके नाम पर किया गया है बिल और किसे दी गईं दवाएं लखनऊ, विशेष संवाददाता।

नई निर्देशों का उद्देश्य अब अगर अस्पतालों या डॉक्टरों को रियायती दर पर मिलने वाली दवाएं खुले बाजार में मिलीं तो विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई होगी। एफएसडीए ने अब इस तरह की रियायती दवाओं के संबंध में साफ कर दिया कि दवा के हर पैकेट पर 'इंस्टीट्यूशनल सप्लाई' दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा हर पैकेट पर यह भी ब्योरा दर्ज करना होगा कि वह दवा किसके नाम पर बिल की गई है और किसे दी गई है।

चेन की पूरी रिकॉर्डिंग ड्रग सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सभी दवा कंपनियों, सीएफए एजेंटों, सु...