असाध्य रोगों पर विजय पाने के लिए योग को बनाएं जीवनशैली
धनबाद, अप्रैल 26 -- आनंद योग धारा धनबाद की ओर से आयोजित 'अध्यात्म में प्रवेश - स्वयं को जानो' भारत योग यात्रा कार्यक्रम के दूसरे दिन भी शनिवार को आईआईटी आईएसएम के पेनमेन हॉल में योग और अध्यात्म की धारा बही। दिन के सत्र में जहां लोगों ने बिहार योग विद्यालय विश्व योगपीठ मुंगेर के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती के सान्निध्य में योग क्रियाओं को जाना, वहीं संध्या परिचर्चा में लोगों ने मंत्र योग और सरल साधना से तनावमुक्त व स्वस्थ जीवन के गुर सीखे। संध्या सत्र में निरंजनानंद सरस्वती जी ने बताया कि विज्ञान भी यह सिद्ध कर चुका है कि सकारात्मक ध्वनि तरंगें, मंत्रोच्चारण और ध्यान का सीधा प्रभाव मस्तिष्क पर पड़ता है। यह भी पढ़ें- योग केवल आसन नहीं, संपूर्ण जीवन का विज्ञान : निरंजनानंद सरस्वती जी इससे मानसिक एकाग्रता बढ़ती है, स्मरण शक्ति मजबूत ह...
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