हाजीपुर, मई 22 -- हाजीपुर। सं.सू. श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के षष्टम दिवस पर देवस्थानम् में आए श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र की झांखी देखी और भावविह्वल हो गए। शुक्रवार को श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य ने सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला। बोले कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन के मित्र थे। दोनों एक ही गुरुकुल में पढ़ते थे। एक साथ ही खेलते थे, लेकिन श्रापित चना को खाने के कारण सुदामा गरीब बन गए और भगवान श्रीकृष्ण द्वारका के राजा बने। श्रापित चना दोनों मित्रों को आधा-आधा खाना था। श्राप यह था कि जो भी चना खायेगा, वह धनहीन बनेगा। यह भी पढ़ें- सच्चा मित्र तो परमात्मा ही है : स्वामी लक्ष्मणाचार्य सुदामा के हाथ जब चना मिला, तो सुदामा जी उस ...