नई दिल्ली, मई 4 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। उसकी इस चुनावी जीत की हैट्रिक के पीछे कई ऐसे समीकरण रहे हैं, जिसका मुकाबला विपक्ष कर ही नहीं सका। एक तरफ भाजपा का मजबूत रणनीति व गठबंधन थी, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का कमजोर व उलझा हुआ नेतृत्व। एआईयूडीएफ से गठबंधन टूटने से वह पिछली बार से भी कमजोर साबित हुई। पूरे चुनाव में मुख्यमंत्री सरमा मजबूती से उभरे हैं। भाजपा के लिए उनकी उपयोगिता असम ही नहीं पूरे पूर्वोत्तर के लिए बढ़ी है। असम में भाजपा ने न केवल अपनी सरकार बरकरार रखी है, बल्कि अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया है। सहयोगियों के साथ दो तिहाई का आंकड़ा भी पार किया है। दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने इस बार बेहद आक्रामक अभियान चलाया। उन्होंने न केवल कांग्रेस पर खुलकर प्रह...