रांची, मार्च 10 -- रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो असम के बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चायबागान में आयोजित जागरुकता जनसभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। सभा का आयोजन आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम के तत्वावधान में किया गया। उन्होंने कहा कि यदि असम के आदिवासी एक मंच पर आ जाएं तो राज्य में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक बदलाव संभव है। आदिवासी समाज सदियों से असम की मिट्टी से जुड़ा हुआ है और चाय उद्योग से लेकर राज्य की अर्थव्यवस्था तक में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन असम के आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यकों के ऊपर अत्याचार हो रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आदिवासी समाज अपना श्रम वापस ले ले तो राज्य का चाय उद्योग ठप ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.