नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार ने जोर पकड़ लिया है और खुद पीएम नरेंद्र मोदी चाय बागान तक पहुंचे हैं। मजदूरों से संवाद करने से लेकर समाज के अलग-अलग वर्गों तक भाजपा पैठ बनाने में जुटी है ताकि हिमंत बिस्वा सरमा की लीडरशिप में पार्टी फिर से सत्ता में लौट पाए। भाजपा को तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए कुल 126 सीटों में से 40 पर ज्यादा भरोसा है, जो असम के ऊपरी इलाकों में हैं। पार्टी को लगता है कि इस इलाके के लोगों के बीच पहचान की राजनीति ज्यादा काम कर सकती है। इसकी वजह यह है कि यहां असम के मूल लोगों की आबादी अधिक है और यहां बाहरी लोगों की बसावट एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती संख्या चिंता का एक विषय रहे हैं। ऐसे में भाजपा एक बार फिर से यहां मजबूती से जुटने की तैयारी में है। 2021 के आंकड़े भी भाजपा का उत्साह बढ़ाने व...