वाराणसी, फरवरी 8 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। महाशिवरात्रि पर्व पर इस वर्ष बाबा विश्वनाथ असम का पारंपरिक परिधान धारण कर दूल्हा स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। यह विशेष परिधान असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से मंगाया गया है। टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास पर होने वाले अनुष्ठानों के दौरान बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को असमिया पुरुष परिधान 'चेलेंग' और 'गसोमा' धारण कराया जाएगा। यह परिधान असम की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है, जिसमें बाबा का स्वरूप अत्यंत राजसी और दिव्य दिखाई देगा। पूर्व महंत परिवार के प्रतिनिधि पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि चेलेंग-गसोमा न केवल परिधान के रूप में, बल्कि सांस्कृतिक संदेश के लिहाज से भी विशेष महत्व रखता है। इसके माध्यम से काशी और असम की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। उ...
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