हजारीबाग, फरवरी 28 -- हजारीबाग प्रतिनिधि अष्टान्हिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का पंचम दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति, आत्मचिंतन एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः काल मंगल ध्वनि के साथ भगवान का भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य कंचन देवी, सुशील अनिता, सुनील रेखा, सुबोध शशि सेठी, ईशान, अनिकेश, राजकुमार-प्रेमा टोंग्या तथा ललित माया विनायका को प्राप्त हुआ। भक्तों ने गहन आस्था के साथ पूजन-अर्चना कर सिद्धों की आराधना की। आज का दिवस आत्मचिंतन एवं पुण्य संचय को समर्पित रहा। बाल ब्रह्मचारी पंडित मनोज ने अपने मंगल प्रवचन में पंचम दिवस की महत्ता बताते हुए इसे पुण्य संचय एवं आत्मशुद्धि का दिवस बताया। उन्होंने श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान की विशेषताओं का वर्णन करते हुए ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.