वाराणसी, जुलाई 24 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। अष्टानिका महापर्व के तीसरे दिन गुरुवार को भेलूपुर स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन तीर्थ मंदिर में श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के अंतर्गत मांगलिक क्रियाएं की गईं। जैन मुनि धर्म सागर महाराज और भाव सागर महाराज के सानिध्य में अष्टानिका महापर्व मनाया गया। धर्म सागर महाराज ने कहा कि अष्टानिका के अवसर पर जो लोग भी व्रत-उपवास और साधना करते हैं, उन्हें पुण्य मिलता है। जैन कुल में ईश्वर से भौतिक वस्तु की कामना नहीं की जाती है। सिर्फ भाव सुधारने की कामना की जाती है। जैन संत ने कहा कि एक आम श्रावक को अष्टानिका पर्व के अवसर पर देव दर्शन, पूजन, अभिषेक और ब्रह्मचर्य व्रत का पालन अवश्य करना चाहिए। मुनि भाव सागर महाराज ने कहा कि यह भक्ति का महोत्सव है। इस अवसर पर विशिष्ट मंत्रों से शांति धारा की गई। देश के कई ...