हल्द्वानी, मार्च 26 -- हल्द्वानी। अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर बेरीपड़ाव में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा स्वामी सोमेश्वर यति महाराज की ओर से आयोजित की गई हैं। कथावाचक खजान पंत ने बताया कि मन ही हमारे बंधन और मोक्ष का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में संयम हो तो इन्द्रियां मित्र बन जाती हैं, अन्यथा शत्रु बन जाती हैं। कथा में उन्होंने बताया कि संसार में प्रेमपूर्वक और आत्मीयता से कर्म करना आवश्यक है, और मन की अनियंत्रित प्रवृत्तियों से बचना चाहिए। इस अवसर पर उमेश वार्ष्णेय, एमपी श्रीवास्तव, सीमा पाठक और कीर्ति पाठक भी उपस्थित रहे।
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