उन्नाव, अप्रैल 8 -- उन्नाव, संवाददाता। जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था कागजों में भले ही मजबूत दिख रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत पूरी तरह उलट है। क्रय केंद्रों पर संसाधनों की भारी कमी के चलते किसान अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि 87 में से 85 केंद्रों पर अब तक खरीद की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। बोरे, ई-पॉश मशीन और स्टैंसिल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में 28 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य अधर में लटका हुआ है। 30 मार्च से शुरू हुई गेहूं खरीद व्यवस्था शुरुआती दिनों में ही पूरी तरह लड़खड़ाती नजर आ रही है। नौ दिन बीत जाने के बावजूद केवल दो केंद्रों पर ही खरीद हो पाई है, जो व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। सबसे बड़ी समस्या केंद्रों पर बुनियादी संसाधनों की कमी है। आधे से ज्यादा केंद्रों पर बोरे उपलब्ध नहीं हैं, जब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.