गिरडीह, मई 23 -- झारखंडधाम, प्रतिनिधि। प्रशासनिक सख्ती के बाद अवैध पत्थरों के उत्खनन और ढुलाई पर रोक लगने से क्षेत्र के कई क्रशर उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। वर्षों से अवैध उत्खनन से प्राप्त पत्थरों पर निर्भर रहनेवाले क्रशर संचालकों के सामने अब कच्चे माल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। हालत यह है कि कई क्रशरों में उत्पादन पूरी तरह ठप पड़ गया है और करोड़ों की मशीनें निष्क्रिय पड़ी-पड़ी जंग खाने लगी हैं। जानकारी के अनुसार इलाके के अनेक क्रशरों में पठारी क्षेत्रों और वन भूमि से अवैध तरीके से निकाले गए पत्थरों की आपूर्ति होती थी। यह भी पढ़ें- परानीपुर गंगाघाट पर हो रहा बालू का अवैध खनन व परिवहन रात के अंधेरे में ट्रैक्टर और हाइवा के माध्यम से पत्थरों की ढुलाई कर क्रशरों तक पहुंचाया जाता था। लेकिन हाल के दिनों में प्रशासन द्वारा ल...