लखनऊ, फरवरी 17 -- उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई अब विवादों के घेरे में है। प्रदेश भर के इंजीनियरों में इस बात को लेकर भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है कि अवैध निर्माण के मामलों में केवल जूनियर और सहायक इंजीनियरों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि निर्णय लेने वाले और उत्तरदायी उच्चाधिकारियों को पूरी तरह बचा लिया जाता है। इस मामले में अब इंजीनियर एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया है। संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने शासन को संगठन की तरफ से पत्र भेजा है। कहा है कि जब किसी अवैध निर्माण की रिपोर्ट अवर अभियंता द्वारा कर दी जाती है और उसके बाद ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हो जाते हैं, तो उस आदेश के क्रियान्वय...
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