लखनऊ, फरवरी 26 -- अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई की रफ्तार सुस्त है। सीएमओ की टीम ने शहर में 10 जगह ताबड़-तोड़ छापेमारी की थी। खामियां मिलने के बाद भी निजी अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं की गई। सिर्फ नोटिस देकर मामले को लटकाया जा रहा है। अवैध व मानकों के खिलाफ चल रहे अस्पताल बेकसूर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बीते 17 फरवरी को दुबग्गा इलाके 10 अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। इसमें समीर, बॉम्बे, सरकार, निदान, एसआरएस, हर्बल, न्यू लखनऊ सिटी, जीवन ज्योति, मां वैष्णव और इंपल्स अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में तमाम खामियां मिली थीं। कुछ अस्पतालों का पंजीकरण नहीं था। कुछ में डॉक्टर तक मौके पर नहीं मिले थे। इन अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया था। इन पर नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक जांच में बिना पं...