मुजफ्फरपुर, जून 11 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि जिले में पांच सौ से अधिक अवैध नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। अगर एक साल पूर्व ईमानदारी से पीएचसी पदाधिकारियों ने इसे लेकर कार्रवाई की होती तो वर्तमान में जिला प्रशासन की टीम को अमानक और अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ जांच, छापेमारी और सील करने की कार्रवाई नहीं करनी होती और विभाग की भद नहीं पिटती। यह भी पढ़ें- शहर के साथ अब ग्रामीण इलाकों में भी अभियान तेजअवैध नर्सिंग होम की शपथ पत्र एक साल पहले तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों से अवैध नर्सिंग होम का संचालन नहीं होने को लेकर शपथ पत्र लिया था। सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों ने सिविल सर्जन को इस संबंध में शपथ पत्र सौंपा था। इसमें बताया था कि उनके क्षेत्राधिकार...