बांदा, जून 5 -- बांदा। जनपद में लाल सोने के कारोबार के जरिए काली कमाई की होड़ में पर्यावरण को जमकर नुकसान पहुंच रहा है। एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मौरंग माफिया केन व बागै नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। अवैध खनन से नदियों की जलधारा प्रभावित हो रही है। मौरंग निकासी के लिए पट्टाधारक नदी की जलधारा बंद कर पुल बनाने से भी नहीं चूकते हैं। सितंबर से जून तक नदियों में जमकर खनन होता है। इसके बाद बारिश के चार माह डंप के नाम पर भी खनन का खेल होता है। अवैध खनन के इस खेल में मौरंग माफिया के अलावा अफसरों, सफेदपोशों का भी गठजोड़ होता है। यह भी पढ़ें- बेंगाबाद में बालू तस्करी बदस्तूर जारी, एनजीटी से पहले मची लूट शासन की सख्ती पर कार्रवाई की औपचारिकता की जाती है।

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