धनबाद, जून 5 -- हिमांशु जमुआर, बाघमारा। झारखंड की महत्वपूर्ण नदियों में से एक जमुनिया नदी का अस्तित्व खतरे में है। वन एवं पर्यावरण विभाग की लापरवाही और सरकारी तंत्र की अनदेखी के कारण कोयलांचल की वरदान कही जाने वाली यह नदी अब नाले का रूप लेकर विलुप्त होने की कगार पर है। यह भी पढ़ें- विद्युत नगरी चंद्रपुरा व कोयलांचल में पर्यावरण का बुरा हालजमुनिया नदी का खतरा बाघमारा कोयलांचल और आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाली यह इकलौती नदी है। जमुनिया नदी पर बने डैम के माध्यम से बीसीसीएल की दर्जनों आवासीय कॉलोनियों सहित कतरास जलापूर्ति योजना के तहत पानी की सप्लाई की जाती है। यह भी पढ़ें- अतिक्रमण और प्रदूषण से सिमट रही पुनपुन नदीअवैध खनन की समस्या जानकारों का कहना है कि पूर्व में इस नदी से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उठाव कि...