लखीमपुरखीरी, अप्रैल 9 -- अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटवाकर खुद को कब्जा दिलाने के लिए सालों से तहसील और अफसरों के चक्कर काट रहे एक ग्रामीण गुरुवार को तहसील गेट पर आमरण अनशन पर बैठ गया। उसके मुताबिक उसकी जमीन हड़पने के लिए उसे झूठे केस में फंसाकर जेल तक भेज दिया गया। किसी तरह वह जमानत पर छूटा। हालांकि एसडीएम के समझाने पर उसने आमरण अनशन खत्म कर दिया। तहसील क्षेत्र के भिड़ौरी गांव के महेश प्रताप और उसकी पत्नी रीता गुरुवार को एक बैग में कुछ सामान और एक तिरपाल लेकर तहसील पहुंचे। वे तहसील गेट के बाहर बैनर टांगकर जमीन पर तिरपाल बिछाकर आमरण अनशन पर बैठ गए। महेश ने बताया कि भिड़ौरी गांव में उसकी जमीन पर गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। वह कई सालों से अपनी जमीन दबंगों के कब्जे से छुड़वाकर पाने के लिए तहसील और अफसरों के चक्कर काट रहा है। दूसरे पक...