अयोध्या, अप्रैल 8 -- अयोध्या, संवाददाता। स्थाई लोक अदालत की न्यायिक सदस्य डॉ. मृदुला राय ने कहा कि महिला और पुरुष दोनों समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विशाखा गाइडलाइन, विशाखा बनाम राजस्थान सरकार 1997 पर चर्चा करते हुए कहा कि यह अधिनियम एक न्यायिक हस्तक्षेप है जो पूरे भारत में कामकाजी महिलाओं को विधिक संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने वाला मैग्नाकार्टा सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। उन्होंने अवांछनीय व्यवहारों के प्रति छात्राओ को जागरूक करते हुए कहा कि अवांछनीय व्यवहार वह सभी व्यवहार होता है जो महिला के विरुद्ध उसे असहज, अपमानित और भयभीत महसूस कराता है। यह बातें डॉ. मृदुला ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के एमएड विभाग में 'मिशन शक्ति फेज- फाइव' के तहत 'विशाखा गाइडलाइन के अनुसा...
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